नई दिल्ली, अक्टूबर 8 -- सुप्रीम कोर्ट ने शरणार्थियों के लिए संयुक्त उच्चायोग (यूएनएचसीआर) द्वारा भारत में अप्रवासियों को बड़े पैमाने पर शरणार्थी कार्ड जारी किए जाने की निंदा की। शीर्ष अदालत कहा कि उन्होंने (यूएनएचसीआर) भारत में एक शोरूम खोला है और धड़ल्ले से प्रमाण पत्र जारी कर रहे हैं। जस्टिस सूर्यकांत और जॉयमाल्या बागची की पीठ ने हाल ही में सूडान के रहने वाले एक व्यक्ति की याचिका पर सुनवाई के दौरान यह टिप्पणी की, जो 2013 से भारत में रह रहा है। याचिकाकर्ता ने दावा किया कि उसके दो बच्चे हैं, जिनमें एक 40 दिन का शिशु भी शामिल है और उसकी पत्नी और बच्चे को शरणार्थी कार्ड जारी किए गए हैं। वह ऑस्ट्रेलिया में शरण मांग रहा है और उसने सुप्रीम कोर्ट से अंतरिम सुरक्षा की गुहार लगाई है। मामले की सुनवाई के दौरान वरिष्ठ अधिवक्ता एस. मुरलीधर ने पीठ से ...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.