नई दिल्ली, अगस्त 17 -- दिल्ली के दिल में बसा एक बाजार, जो आम आदमी की पहुंच से कोसों दूर है। खरीददारी के मामले में इस बाजार की कीमतें आसमान छूने वाली होती हैं। लेकिन, ये बाजार हमेशा से ऐसा नहीं था। क्योंकि आजादी के बाद इस मार्केट को पाकिस्तान से आए शरणार्थियों के लिए बसाया गया था। जहां नीचे दुकानें थीं और ऊपर उन शरणार्थियों के रहने को घर। तो चलिए आज ले चलते हैं, खान मार्केट की सैर पर।पाकिस्तानी शरणार्थियों के लिए बसाया गया बाजार सबसे पहले बात करते हैं इसके बसने की। दरअसल देश तो आजाद हो गया, लेकिन एक नई समस्या उभरकर सामने आ गई। वो समस्या थी पलायन और पाकिस्तान से आए शरणार्थियों को बसाने की। इसका हल निकालने के लिए दिल्ली के दिल में खान मार्केट को दिल्ली डेवलपमेंट अथॉरिटी द्वारा बसाया गया था। तारीख की बात करें तो इसे साल 1951 में मूल रूप से भा...
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