नई दिल्ली, दिसम्बर 10 -- सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को UAPA के तहत दर्ज दिल्ली दंगों की बड़ी साजिश के मामले में उमर खालिद, शरजील इमाम, गुलफिशा फातिमा, मीरान हैदर, शादाब अहमद और मोहम्मद सलीम खान की जमानत याचिकाओं पर अपना फैसला सुरक्षित रख लिया। सुनवाई के दौरान दिल्ली पुलिस ने अपनी दलीलों में कहा कि शरजील इमाम की करतूत यानी उसका भाषण बाकी आरोपियों पर भी एक सबूत के तौर पर लागू होता है। जस्टिस अरविंद कुमार और एनवी अंजारिया की बेंच ने उक्त आरोपियों की जमानत याचिकाओं पर सुनवाई पूरी कर ली। सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली पुलिस से जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी (JNU) में कथित तौर पर लगाए गए टुकड़े-टुकड़े नारों से संबंधित 2016 की एक गैर संबंधित FIR पर भरोसा करने को लेकर सवाल किया। बेंच ने पूछा कि आप 2020 में हुए दंगों के लिए पुरानी FIR क्यों दिखा रहे हैं? इसका इ...
Click here to read full article from source
To read the full article or to get the complete feed from this publication, please
Contact Us.