बलरामपुर, फरवरी 2 -- गैड़ास बुजुर्ग, संवाददात। मुस्लिम समुदाय के प्रमुख धार्मिक पर्वों में शामिल शब-ए-बराअत आज श्रद्धा और अकीदत के साथ मनाई जाएगी। यह इबादत, तौबा और मगफिरत की रात मानी जाती है। इस्लामी कैलेंडर के अनुसार यह शाबान महीने की 15वीं रात होती है, जो रमजान से पहले आती है। चांद दिखने पर इसकी तारीख तय होती है। मौलाना रिजवान अहमद जियाई ने बताया कि शब-ए-बराअत की रात अल्लाह की खास रहमतों वाली रात होती है। इस मुबारक मौके पर मुसलमान नफिल नमाज अदा करते हैं, कुरआन शरीफ की तिलावत करते हैं और अपने गुनाहों की माफी मांगते हैं। लोग अपने मरहूम रिश्तेदारों और पूर्वजों के लिए दुआ-ए-मगफिरत करते हुए कब्रिस्तानों भी जाते हैं। घरों में इबादत का माहौल रहता है और कई जगह महिलाओं द्वारा पकवान भी तैयार किए जाते हैं। मान्यता है कि इस रात सच्चे दिल से की गई ...
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