उरई, जनवरी 30 -- कालपी। मोमिनों का प्रमुख पर्व शबे बारात 3 फरवरी को मनाया जाएगा।इस मुबारक महीने में एक ऐसी मुबारक रात आती है। जिसमें अल्लाह की जानिब से बहुत रहमते बरकतें नाज़िल होती हैं। यह जानकारी दारुल उलूम गौसिया मजिदिया के प्रबंधक हाफिज इरशाद अशरफी ने कही। पैगंबर ए आज़म हुजूर नबी ए करीम ने इरशाद फरमाया जब शाबान की पंद्रहवीं रात आए तो उस रात को जागो(क़याम करो) पूरी रात अल्लाह को राजी करने के लिए इबादत करो। इस मुबारक रात में अल्लाह अपने बंदों से मुखातिब होकर इरशाद फरमाता है कि क्या है कोई जो अपने गुनाहों से तौबा करे मैं उसकी तौबा कुबूल करूं। क्या है कोई रोजी मांगने वाला मैं उसे रोज़ी अता करू। दारुल उलूम गौसिया मजीदिया के प्रिंसिपल मुफ्ती तारिक बरकाती ने कहा मुबारक रात के बारे में किताबों में फ़ज़ीलते बरकतें लिखी गई हैं जो इन्सान दुनिया में आ...
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