नई दिल्ली, फरवरी 17 -- ज्योतिष में मंगल ग्रह को सेनापति क्या जाता है। आपके अदर जो साहस, पराक्रम है, वो मंगल के कारण ही आता है। अभी की बात करें, तो मंगल मकर राशि में हैं। इसके बाद मंगल शनि की दूसरी राशि कुंभ में जाएंगे। शनि की इस राशि में पहले से राहु विराजमान हैं। अब मंगल और राहु का मिलकर अंगारक योग बनेगा। यह योग बहुत नेगेटिव एनर्जी वाला होता है। इसके अलावा कुंभराशि में मंगल के आने के बाद पांच ग्रहों का योग भी बनेगा। इस प्रकार यह कई राशियों के लिए परेशानी लाने वाला होगा। इससे राजयोगों का निर्माण होगा। सूर्य-मंगल से आदित्य मंगल राजयोग, सूर्य-बुध की युति से बुधादित्य योग और सूर्य-शुक्र की युति से शुक्रादित्य योग बनेगा। यहां हम बात करेंगे सिर्फ मंगल गोचर की कि मंगल के गोचर से किन राशियों के लिए लाभ के योग बनेंगे। आपको बता दें कि राशियों पर य...