बेगुसराय, फरवरी 1 -- सिमरिया धाम, एक संवाददाता। सिमरिया में दो साहित्यिक विभूति पैदा हुए एक राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर व दूसरा कविवर रामावतार यादव शक्र लेकिन शक्र ने जितना लिखा, उनकी रचना लोगों के बीच नहीं पहुंच सकी। उनकी रचनाओं को नई पीढ़ी तक पहुंचाने के लिए पहल की जाएगी। शक्र की दर्जनों पांडुलिपि आज तक प्रकाशित नहीं हो सकी हैं। उक्त बातें तेघड़ा विधायक रजनीश कुमार ने कहीं। कविवर रामावतार यादव शक्र की 111वीं जयंती के मौके पर रुपनगर गांव स्थित शक्र की प्रतिमा पर माल्यार्पण करने पहुंचे विधायक ने कहा कि शक्र के पैतृक गांव में उनके नाम से कोई स्मृति भवन नहीं बना है। जमीन मिलने पर शक्र स्मृति स्थल बनाने को लेकर काम करूंगा। विधायक ने कहा कि शक्र की रचना क्रांतिकारियों के मन में क्रांति का भाव पैदा करती है। वे किसान व मजदूर के दर्द को केंद्र ...