धनबाद, सितम्बर 23 -- धनबाद, वरीय संवाददाता गज पर सवार होकर शक्ति, बुद्धि और ओज लेकर सोमवार को आदिशक्ति का पृथ्वी पर अवतरण हुआ। अभिजीत मुहूर्त में सोमवार को कलश स्थापना के साथ ही दुर्गोत्सव प्रारंभ हो गया। पूरा कोयलांचल माता के जयकारों से गूंज उठा। पूजा पंडाल हो या फिर देवी मंडप हर जगह प्रातः काल से ही देवी के मंत्रोचार के साथ कलश स्थापना की गई। कलश स्थापना के बाद प्रथम दिन मां दुर्गा के शैलपुत्री स्वरूप की पूजा की। प्रथम दिन शहर के खड़ेश्वरी मंदिर, भुईंफोड़ मंदिर, शक्ति मंदिर सहित सभी देवी मंदिरों में माता के दर्शन को भक्त पहुंचे। हीरापुर हरि मंदिर, दुर्गा मंदिर सिहम अन्य मंदिर जहां बांग्ला पंरपरा से पूजा होती है, वहां कलश स्थापना नहीं बल्कि मूर्ति स्थापना ही होती है। पंचमी तिथि में 27 सितंबर को संध्या में देवी बोधन के साथ उत्सव की शुरुआत ...
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