कुशीनगर, फरवरी 22 -- कुशीनगर। नेबुआ नौरंगिया ब्लाक क्षेत्र के लक्ष्मीपुर उर्फ कुर्मी पट्टी में नौ दिवसीय शतचंडी महायज्ञ अन्हरी देवी मंदिर परिसर में आयोजित किया गया है। शनिवार के दूसरे दिन कथा वाचक ने राजा दुष्यंत व शकुंतला के प्रेम कथा से श्रोताओं को रसपान कराया। रामलीला मंडली के कलाकारों ने राम जन्म कहानी को दृश्य के साथ मंचन किया। बिहार के गोपालगंज से बैकुंठ शास्त्री ने कथा के मुख्य अध्याय को सुनाते हुए बताया कि राजा दुष्यंत और शकुंतला की प्रेम कथा महाभारत के आदि पर्व और कालिदास के अभिज्ञान शाकुंतलम में वर्णित है। माना जाता है कि विश्वासघात, पुनर्मिलन और श्राप की एक अमर गाथा है। हस्तिनापुर के राजा दुष्यंत ने ॠषि विश्वामित्र की पुत्री शकुंतला से वन में गंधर्व विवाह किया था। राजा दुष्यंत ने शकुंतला को निशानी के तौर पर एक अंगूठी दिया था, ल...