मथुरा, जनवरी 16 -- गुरूवार को बरसाना की हवाओं में केवल सुगंध नहीं, मंगल उल्लास की लहरें तैर रही थीं। गहवरवन से रंगीली गली तक हर कण जैसे किसी दिव्य विवाह का साक्षी बन गया। प्रियाप्रीतम के पावन विवाह की ज्योंनार ने राधा के आंगन को आनंद के दीपों से भर दिया। बधाई गीतों की तान पर ब्रज की गलियां झूम उठीं और भक्तों के हृदय में प्रेम रस उमड पडा। मंगल विवाह की पूर्णता के साथ ही गिरधार गोपाल जू रंग महल में विश्राम को विराजे। जैसे ही ठाकुर जू ने रंग महल में प्रवेश किया, जय श्री राधे के घोष से आकाश गूंज उठा। पुष्पों की वर्षा हुई, दीपों की पंक्तियां जलीं और आरती की लौ में भक्ति का उजाला फैल गया। रंग महल की दीवारें मानो स्वयं इस दिव्य दृश्य को सहेजने लगीं। ज्योंनार की इस शुभ घडी में हर आंख बधाई कह रही थी, हर होंठ मंगल कामना गा रहे थे। दूर दूर से आए भक्...