वाराणसी, फरवरी 16 -- वाराणसी, मुख्य संवाददाता। सनातन धर्म के संरक्षण के लिए अद्वितीय आत्म-जागरण पहल ज्योतिष्पीठ के जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने की है। हिंदू समाज में व्याप्त आत्म-मोह एवं धर्म-विषयक अस्पष्टता को दूर करने के लिए ऑनलाइन धर्म-प्रश्नोत्तरी का शुभारम्भ किया है। इसका मुख्य शीर्षक 'धर्म-परीक्षा' है। अभियान की मुख्य विशेषता यह कि यह स्व-मूल्यांकन का दर्पण है। यहां कोई बाह्य परीक्षक नहीं होगा बल्कि व्यक्ति का अंतर्मन ही निर्णायक की भूमिका निभाएगा। यह प्रयास प्रत्येक सनातनी को आत्म-विश्लेषण का अवसर प्रदान करेगा। प्रश्नोत्तरी के प्रश्न सनातन मूल्यों, आचरण, नैतिकता, गौ-संरक्षण, राष्ट्र-भक्ति और शास्त्र-सम्मत विश्वास जैसे विषयों पर हैं। इसका उद्देश्य केवल ज्ञान की जांच करना नहीं, बल्कि आचरण में सुधार और धर्म...
Click here to read full article from source
To read the full article or to get the complete feed from this publication, please
Contact Us.