गाजीपुर, अक्टूबर 28 -- गाजीपुर (भांवरकोल)। सूर्योपासना एवं लोक- आस्था का महापर्व डाला छठ पर चार दिवसीय व्रत का महिलाओं ने उदीयमान भगवान भास्कर को विधि विधान से अर्चन पूजन कर अर्घ्य देकर डाला छठ का दूसरा सोपान पुर्ण किया। व्रती महिलाओं ने अग्घऀ के बाद अन्न एवं जल ग्रहण कर महापर्व डाला छठ का समापन किया। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार कार्तिक माह की षष्ठी तिथि को अस्ताचलगामी सूर्य एवं सप्तमी तिथि को उदीयमान सूर्य को अर्घ्य देने से परिवार में सुख-शांति एवं स्मृद्धि के साथ सभी मनोकामनाएं पुरी होती है। जैसा कि भगवान भास्कर धरती के साक्षात देवता है। रंग-बिरंगे परिधानों में सजीं व्रती महिलाओं एवं युवतियां घर से घाट तक जाने वाली सड़कों पर जगमग रंग बिरंगी रोशनी के बीच परम्परागत गीतों - कबले निहारी तोहर बाट जोही सूरूज गोसाईं, अइली छठ मैया के घाट, उग हो...
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