धनबाद, फरवरी 11 -- धनबाद, प्रमुख संवाददाता। नगर निगम चुनाव जैसे-जैसे नजदीक आ रहा है, वैसे-वैसे प्रत्याशियों की मुश्किलें बढ़ रही हैं। मेयर और वार्ड पार्षद पद के प्रत्याशियों को केवल प्रचार में ही नहीं, बल्कि चुनावी खर्च के ब्योरे को लेकर भी पूरी गंभीरता बरतनी होगी। व्यय का ब्योरा नहीं देने वाले प्रत्याशी तीन साल तक चुनाव नहीं लड़ पाएंगे। जो प्रत्याशी खर्च का ब्योरा जमा नहीं करेंगे या गलत ब्योरा देंगे या जीतने के बाद भी उनका अभ्यर्थन रद्द किया जा सकता है और अगले तीन वर्षों तक चुनाव लड़ने पर रोक लगाई जा सकती है। मेयर पद के प्रत्याशियों को अधिकतम 25 लाख तक खर्च करने की अनुमति दी गई है। वहीं वार्ड पार्षद पद के उम्मीदवार अधिकतम पांच लाख रुपए तक ही खर्च कर सकेंगे। अधिक खर्च करना न सिर्फ नियम का उल्लंघन माना जाएगा, बल्कि यह प्रत्याशी की मुश्किले...