मुजफ्फरपुर, दिसम्बर 16 -- मुजफ्फरपुर, प्रमुख संवाददाता। बीआरएबीयू के पीजी अंग्रेजी विभाग की तरफ चल रहे दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सेमिनार का समापन मंगलवार को हो गया। सेमिनार का विषय पाश्चात्य और भारतीय सिद्धांत तथा व्यवहार : प्रमुख मुद्दे और उनकी समकालीन प्रासंगिकता था। दूसरे दिन विवि के प्रॉक्टर सह विभागाध्यक्ष प्रो. विनय शंकर राय ने सेमिनार की अध्यक्षता की। विशिष्ट वक्ता दीनदयाल उपाध्याय विश्वविद्यालय के प्राध्यापक डॉ. आलोक कुमार ने कहा कि यदि इस सेमिनार से कुछ सीखना हो तो वह यह कि समाज या साहित्य में किसी भी कथन को पूर्णतः समझने के लिए भारतीय एवं पाश्चात्य सिद्धांत दोनों की आवश्यकता है। किसी की भी पहचान सीमित नहीं हो सकती। एक व्यक्ति कई संबोधनों और नामों से जाना जाता है। डॉ. उदय शंकर ओझा ने कहा कि साहित्य महसूस करने की चीज है, न कि डिकोड ...
Click here to read full article from source
To read the full article or to get the complete feed from this publication, please
Contact Us.