नई दिल्ली, फरवरी 2 -- सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को कहा कि व्यक्तिगत शिकायत पर चुनाव प्रक्रिया आसानी से नहीं रोकी जा सकती। न्यायमूर्ति विक्रम नाथ और न्यायमूर्ति संदीप मेहता की पीठ ने कहा कि व्यक्तिगत शिकायतों के संबंध में अंतिम और एकमात्र उपाय चुनाव याचिका के माध्यम से ही संभव है। पीठ ने उत्तराखंड हाईकोर्ट के जुलाई 2025 के अंतरिम आदेश को चुनौती देते हुए दायर अपील पर यह फैसला सुनाया। उत्तराखंड हाईकोर्ट ने निर्वाचन अधिकारी को एक व्यक्ति को एक चुनाव चिह्न आवंटित करने और उसे जिला पंचायत सदस्य का चुनाव लड़ने की अनुमति देने का निर्देश दिया था। शीर्ष अदालत ने कहा कि चुनाव लड़ने या उस पर सवाल उठाने का अधिकार वैधानिक प्रकृति का होने के कारण, इसका सख्ती से पालन किया जाना चाहिए और उस क्षेत्र को नियंत्रित करने वाले कानून के अनुसार इसका प्रयोग किया जाना ...
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