देहरादून, फरवरी 8 -- यदि आप भी उन लोगों में शामिल हैं, जिनका नाम अपने पैतृक गांव और वर्तमान शहर, दोनों जगहों की मतदाता सूची में दर्ज है, तो अब सतर्क हो जाने का समय है। दो अलग-अलग स्थानों से मतदाता सूची में नाम रखना न केवल अनैतिक है, बल्कि आपको भारी कानूनी मुसीबत में भी डाल सकता है। लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम 1950 की धारा-31 के तहत, मतदाता सूची में जानबूझकर झूठी जानकारी देना या दो जगह पंजीकरण बनाए रखना एक दंडनीय अपराध है। इस मामले में दोषी पाए जाने पर मतदाता को एक साल तक की जेल, जुर्माना या दोनों सजाएं एक साथ भुगतनी पड़ सकती हैं। यह भी पढ़ें- यूपी पंचायत चुनाव की वोटर लिस्ट अब इस डेट को होगी जारी, आयोग ने बढ़ाई लास्ट डेट यह भी पढ़ें- 'रहस्यमय सॉफ्टवेयर' से वोटर्स का नाम हटा रहा चुनाव आयोग, SIR पर TMC का नया दावा उत्तराखंड जैसे राज्यों में, ज...
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