बदायूं, जनवरी 21 -- बदायूं, संवाददाता। माघ मेले के इतिहास में पहली बार पर्यावरण संरक्षण को केंद्र में रखकर एक नई और सार्थक पहल देखने को मिली है। पंचतत्व संस्था के नेतृत्व में मेला क्षेत्र में 'पंचतत्व पर्यावरण कार्यालय' की स्थापना कर जल, जंगल और जीवन के आपसी संबंध को रेखांकित किया गया। इसी कड़ी में जल संरक्षण को लेकर एक अनूठी पंचतत्व पर्यावरण पदयात्रा का आयोजन किया गया, जिसने साधु-संतों, श्रद्धालुओं और आमजन के बीच पर्यावरण चेतना की अलख जगा दी। देशभर में 'वॉटर वुमन' के नाम से विख्यात शिप्रा पाठक ने अपने हर्षवर्धन मार्ग स्थित पर्यावरण शिविर से संगम घाट तक सैकड़ों दंडी साधकों और संतों के साथ पदयात्रा निकालकर माघ मेले को एक नई दिशा दी। पदयात्रा के दौरान जल संरक्षण, वृक्षारोपण और स्वच्छता को लेकर जो संदेश दिया गया, उसने यह स्पष्ट कर दिया कि अध...