किशनगंज, फरवरी 1 -- बहादुरगंज। निज संवाददाता लगभग दो दशक पहले गन्ना की खेती का हब बना दहगांव और बांसबाड़ी में गन्ना से जुड़ी खेती से विमुख होने के बाद क्षेत्र में गन्ना की खेती का अस्तित्व समाप्त होने के कगार पर आ गया है। जानकारी के अनुसार बीते दशकों में सैकड़ों एकड़ में गन्ना की खेती मौजुदा समय में सिमटकर मात्र पंद्रह से बीस एकड़ में सिमटकर रह गया है। किसान सूत्र के अनुसार गन्ना की खेती से विमुख होने का मुख्य कारण गन्ना किसानों को संबंधित सरकारी विभाग से किसी प्रकार की सहायता नहीं मिलना एवं कालांतर के दशक में वैकटेरिया से संक्रमित होने से दर्जनों किसानों का खेत में लगा फसल संक्रमण का शिकार होकर सुख जाने से जुड़ी घटना किसानों को भारी आर्थिक नुकसान कर कर्जदार बना दिया किसानों की शिकायत पर पूर्णिया एवं समस्तीपुर से कृषि विभाग एवं गन्ना विभाग की ट...
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