जहानाबाद, फरवरी 2 -- मां सरस्वती की स्वागत के लिए प्रकृति सज धज कर तैयार मखदुमपुर ,निज संवाददाता। मां सरस्वती की आराधना का पर्व सरस्वती पूजा को लेकर चारों तरफ उल्लास देखा जा रहा है। मां सरस्वती के स्वागत के लिए जैसे प्रकृति भी सज धज कर तैयार है। ऋतुराज बसंत का आगमन भी मां सरस्वती के आराधना के साथी ही होता है। पेड़ पौधों में नई लाल लाल पत्तियां निकालने लगी है। आम के साथ बहुत से पेड़ पौधों में मंजर और फूल निकलने लगे हैं। खेतों में भी बसंत का साम्राज्य देखा जा रहा है। पीले सरसों और राई के फूलों से बधार सज गया है। तो दूसरी ओर तीसी, चना, खेसारी के नीले फूल से खेत शोभित हो रहा है। इस बसंत में ही कामदेव ने भगवान शिव का ध्यान भंग करवाया था। इसलिए सरस्वती पूजा और बसंत का अनन्याश्रित संबंध है। बसंत पंचमी के दिन मां सरस्वती की उत्पत्ति हुई थी। पौराणिक...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.