प्रयागराज, अप्रैल 29 -- प्रयागराज। इलाहाबाद विश्वविद्यालय (इविवि) के वैज्ञानिक पता लगाएंगे कि पेंट, धूल के नैनोकण खासकर टाईटेनियम डाईआक्साइड नैनोकण, हमारे स्वास्थ्य पर कैसे असर डालते हैं। इस काम के लिए इंडियन काउंसिल आफ मेडिकल रिसर्च (आईसीएमआर) से इविवि के दो विज्ञानियों को एक महत्वपूर्ण शोध परियोजना के लिए करीब 75 लाख रुपये की आर्थिक मदद दी है। इस परियोजना के पीआई डॉ. रोहित कुमार मिश्रा हैं। इस प्रोजेक्ट में डॉ. अवध बिहारी यादव भी शामिल हैं। खासकर, जब डीएनए के बदलाव जैसे एसिटिलेशन और फास्फोराइलेशन होते हैं, तो बीमारियों के पैदा होने की संभावना और बढ़ जाती है। इसके अलावा शोधकर्ता यह भी पता लगाएंगे कि कैसे नैनोकण दूसरे जैविक रास्तों को सक्रिय कर बीमारियों को बढ़ावा दे सकते हैं। वह कहते हैं कि हमारे शरीर में डीएनए विशेष प्रकार के प्रोटीन जि...
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