महाराजगंज, सितम्बर 27 -- महराजगंज, हिन्दुस्तान टीम। गुरु गोरक्षनाथ छावनी स्थित 19 एकड़ खेत में सावा-7501 धान की सीधी बुवाई का निरीक्षण किया गया। यह निरीक्षण उपकृषि निदेशक, डॉ. सुधांशु सिंह (निदेशक इरी) और केवीके चौक माफी के दिशा-निर्देशन में हुआ। निरीक्षण के दौरान वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. मनोज कुमार सिंह ने बताया कि इस क्षेत्र की जलवायु धान की इस प्रजाति के लिए अनुकूल है, जिससे अधिक उत्पादन की संभावना है। उन्होंने कहा कि सीधी बुवाई विधि किसानों के लिए अत्यंत लाभदायक है, क्योंकि इससे फसल समय से पहले पक जाती है और कटाई समय पर हो जाती है। इसका बड़ा फायदा किसानों को गेहूं की फसल बोने के लिए पर्याप्त समय मिलने के रूप में होता है, जिससे गेहूं की उत्पादकता में भी उल्लेखनीय वृद्धि होती है। सावां 7501 के अलावा कुबेर, सावित्री, सरजू 52, गगोत्री आदि धान...
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