हरिद्वार, फरवरी 11 -- गुरुकुल कांगड़ी समविश्वविद्यालय में योग विभाग के सभागार में दयानंद जयंती की पूर्व संध्या पर महर्षि दयानंद सरस्वती के जीवन दर्शन एवं उनकी शिक्षाएं विषय पर संगोष्ठी हुई। इसमें मुख्य अतिथि विवि की कुलपति प्रो. प्रतिभा मेहता लूथरा ने कहा कि महर्षि दयानंद का वेदों की ओर लौटो का आह्वान केवल धार्मिक उद्घोष नहीं, बल्कि सामाजिक और बौद्धिक जागरण का संदेश था। उन्होंने कहा कि वेद मानव जीवन के लिए प्रमाणित ज्ञान और वैज्ञानिक दृष्टिकोण का आधार हैं। इनमें सार्वभौमिक सत्य निहित है। महर्षि दयानंद ने अंधविश्वास, कुरीतियों और सामाजिक बुराइयों के विरुद्ध संघर्ष कर समाज को दिशा प्रदान की। प्रमुख वक्ता अनुज शास्त्री ने कहा कि भारत के स्वतंत्रता संग्राम में आर्य समाज का योगदान अत्यंत महत्वपूर्ण है। आर्य समाज ने राष्ट्रीय चेतना को जागृत किय...