नई दिल्ली, दिसम्बर 16 -- मुंबई। राष्ट्रीय कंपनी विधि न्यायाधिकरण (एनसीएलटी) ने मंगलवार को वेदांता समूह के कारोबारों के विभाजन की योजना को मंजूरी दे दी। इसके बाद अब एल्युमिनियम, तेल एवं गैस, बिजली और लौह एवं इस्पात क्षेत्रों के लिए अलग-अलग कंपनियां बनाई जाएंगी। एनसीएलटी की मुंबई पीठ के न्यायाधीश चरणजीत सिंह गुलाटी और नीलेश शर्मा ने अपने फैसले में कहा, कंपनी की तरफ से पेश कारोबार विभाजन योजना को मंजूरी दी जाती है। एनसीएलटी ने इस मामले की सुनवाई नवंबर में पूरी हो जाने के बाद अपना फैसला सुरक्षित रखा था।

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