मऊ, जनवरी 30 -- मऊ। परिवार का भरण-पोषण करना है तो कमाना ही पड़ेगा। कुछ नहीं मिलता है तो टिन के शेड और टाट-पट्टी बिछाकर सामान बेच लेते हैं। ठेला लगाकर पेट पाल लेते हैं पर अतिक्रमण के नाम पर उजाड़ दिया जाता है। मऊ शहर के पटरी दुकानदार यह कहते-कहते भावुक हो गए। बोले-हमारे सामने समस्याओं का पहाड़ है। हम आर्थिक रूप से इतने समृद्ध नहीं कि कहीं पर भी किराये पर दुकान ले सकें। ठौर-ठिकाना तय न होने से अतिक्रमण के लिए जिम्मेदार ठहराए जाते हैं। दुकानें उजाड़ दी जाती हैं तो कभी अवैध बताकर जुर्माना वसूला जाता है। कार्रवाई से पहले कोई नहीं बताता कि आखिर दुकान कहां लगाएं। वहीं कहा कि सरकार आगे बढ़ाने का काम कर रही है पर स्थानीय स्तर पर उनको मदद नहीं मिल पाती है। मऊ शहर में भीटी, गाजीपुर तिराहा, बलिया मोड़, सदर चौक, सहादतपुरा, आजमगढ़ मोड़, कचहरी रोड, मिर्जाह...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.