बेगुसराय, जनवरी 16 -- मंझौल। जयमंगलागढ़ एवं कावर झील राष्ट्रीय स्तर पर आध्यात्मिक, ऐतिहासिक एवं पर्यटन स्थल के रूप में विकसित होता जा रहा है। शुक्रवार को वृंदावन से आई कथावाचिका देवी पूर्णिमा गार्गी ने शुक्रवार को जयमंगलागढ़ में माता की पूजा-अर्चना की। पूजा-अर्चना के बाद उन्होंने रामसर साइट पक्षी अभयारण्य कावर झील देखने के साथ ही नौकायन का आनंद भी लिया। इस अवसर पर उपस्थित लोगों ने फूल माला एवं चादर से उनका स्वागत किया। इस अवसर पर पूर्णिमा गार्गी ने कहा कि उनका जन्मस्थली हरियाणा है। हरियाणा में ही कुरुक्षेत्र वह पावन भूमि है जहां भगवान श्रीकृष्ण ने गीता का ज्ञान अर्जुन को दिया था। उनका संपूर्ण जीवन सनातन एवं हिंदुत्व के लिए लोगों को जागरूक करने के प्रति समर्पित है। मौके पर समाजसेवी निरंजन सिंह, उनकी पत्नी रिंपा देवी, ओमप्रकाश राम, जदयू जिल...
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