हाजीपुर, जनवरी 11 -- राघोपुर । संवाद सूत्र राघोपुर के फतेहपुर स्थित प्रखंड परिसर में बीर बाल महोत्सव के मौके पर कवित्री वर्षा ठाकुर एवं कवि गौरव कुमार ने एक से बढ़कर एक कविता पाठ किया। इस दौरान मौजूद लोगों ने तालियां बजाकर हौसला अफजाई की। कविता पाठ करते हुए वर्षा ठाकुर ने कहा कि वह एक पथ जो बजा ईंट से ईंट लड़ा लड़ने को, रक्षार्थ धर्म के लिए शीश ले हाथ खड़ा लड़ने को..., वह एक पथ जिसने दुनिया भर को बलिदान सिखाया.. जिसको कहते हैं धर्म धर्म की मान बचाया..। वह एक पथ जिसमें स्वदेशी के मानक बहुत बड़े हैं। गोविंद सिंह के पुत्र जहां पर बनकर के बाज लड़े हैं। हां वही पुत्र जो मिट्टी के माथा न तनिक झुकाया, मुगलों का छाती चीर धर्म की ध्वज गाड़ने वालों ने धर्म का ध्वज लहराया। सतश्री अकाल सतश्री अकाल कहकर दहाड़ने वालों जब तलक आसमां के तारों से जगमग संसा...
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