सुल्तानपुर, जनवरी 10 -- सुलतानपुर। मनरेगा के नाम और नियम को बदलकर लागू की गई वीबी जीरामजी योजना गांधी से भाजपा की नफरत को उजागर करता है, साथ ही साथ मजदूरों के लिए यह योजना छलावा साबित होगी। 12 वर्षों के कार्यकाल के बाद भाजपा को समझ में आया कि कांग्रेस की यह योजना गरीबों के लिए वरदान साबित हो रही। इस लिए इसे कमजोर करने की नियत से इसके नाम मे बदलाव किया गया। क्यों कि मनरेगा मजदूरों के काम के अधिकार की रक्षा और महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम से लागू किया गया था। शनिवार को पार्टी कार्यालय पर प्रेसवार्ता का आयोजन कर जिलाध्यक्ष कांगेस अभिषेक सिंह राणा ने इन बातों को कहा। जिलाध्यक्ष कांगेस ने बताया कि (मनरेगा) को कमजोर किए जाने के विरोध में कांग्रेस "मनरेगा बचाओ संग्राम" अभियान शुरू करेगी। 45 दिनों तक चलने वाले इस संघर्ष क...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.