हापुड़, जनवरी 31 -- सरकार भले ही विकास का नारा दे रही हो, लेकिन जमीनी स्तर पर ये कहीं न कहीं बौना साबित हो रही है। क्या आप कल्पना कर सकते हैं कि किसी अपने का अंतिम संस्कार जलभराव कीचड़ के अंबार के बीच गुजर कर किया जाए? जी है सरकार के द्वारा विकास की गंगा बहने के दावे को कहीं न कहीं बहादुरगढ़ क्षेत्र के गांव मोहम्मदपुर में फैली गंदगी आईना दिखा रही है। गंदगी के बीच जीवन की अंतिम यात्रा यहां के लोगों के लिए दिल दहला देने वाली हकीकत बन चुकी है। गांव के मुख्य मार्ग पर फैली गंदगी के बीच परिजन अपनों को विदाई देने के लिए गंदगी, दुर्गंध जलभराव के बीच पैदल चलकर अंतिम यात्रा को निकालने के लिए मजबूर हैं। सफाई के नाम पर यहां सिर्फ खानापूर्ति हो रही है। ग्राम पंचायत की घोर लापरवाही का आलम यह है कि जहां अंतिम संस्कार की पवित्रता बनी रहनी चाहिए, उस मुख्य...