नई दिल्ली, सितम्बर 23 -- कलकत्ता हाईकोर्ट की एक खंडपीठ ने सोमवार को एकल पीठ के एक आदेश को खारिज कर दिया। एकल पीठ ने 1993 में कोलकाता के बोबाजार में हुए बम विस्फोट मामले में उम्रकैद के एक दोषी को समयपूर्व रिहाई दी थी। इस विस्फोट मामले में 70 लोगों की जान चली गई थी। न्यायमूर्ति देबांगसु बसाक की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने कहा कि राज्य सजा समीक्षा बोर्ड की निर्णय लेने की प्रक्रिया में मास्टरमाइंड राशिद खान के करीबी सहयोगी मोहम्मद खालिद की समयपूर्व रिहाई से इनकार करने में कोई गलती नहीं है।
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