बागपत, सितम्बर 8 -- सरकार भले निरक्षरता मिटाने को पानी की मानद पैसा बहाने में कसर नहीं छोड़ रही हो, लेकिन बागपत में तालीम की रोशनी धुंधली है। साक्षरता की चाल इतनी धीमी है कि दस साल में 7.8 फीसद बढ़त से आगे नहीं बढ़ पाए हैं। यही कारण है कि डिजिटल दौर में भी 3.60 लाख से ज्यादा आबादी निरक्षरता का कलंक ढोने को मजबूर है। पहले प्रौढ़ शिक्षा फिर अनौपचारिक शिक्षा और अब साक्षर भारत मिशन पर हर साल करोड़ों का बजट खर्च हो रहा है, लेकिन नतीजा सिफर है। साल 2001 में बागपत की साक्षरता दर 66 फीसद थी। साल 2011 की जनगणना के मुताबिक, बागपत की साक्षरता दर 72.01 फीसदी थी। इसमें पुरुषों की साक्षरता दर 82.45 फीसदी और महिलाओं की साक्षरता दर 59.95 फीसदी थी। वहीं अब 73 फीसदी को पार कर चुकी है। साल 2001 में जहां पुरुष साक्षरता दर 76.99 फीसदी तथा महिला साक्षरता दर 49.17 फ...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.