हजारीबाग, नवम्बर 13 -- हजारीबाग, नगर प्रतिनिधि। विश्व दयालुता दिवस पर स्थानीय स्वर्ण जयंती पार्क में सागर भक्ति संगम के तत्वावधान में एक गोष्ठी का आयोजन किया गया। इस अवसर पर संगम के सभी सदस्यों ने दयालुता को जीवन के अंतिम क्षणों तक आत्मसात रखने का संकल्प लिया । गोष्ठी की अध्यक्षता संगम के संयोजक विजय केसरी ने एवं संचालन ब्रजनंदन प्रसाद ने किया। गोष्ठी की अध्यक्षता करते हुए संगम के संयोजक विजय केसरी ने कहा कि विपरीत परिस्थितियों में भी दयालुता के भाव को जीवित रखें। शिक्षाविद ब्रजनंदन प्रसाद ने कहा कि तुलसी दास जी कहते हैं, कि धर्म का मूल भाव ही दया है, इसलिए मनुष्य को कभी दया नहीं त्यागनी चाहिए। कवि गोपी कृष्ण सहाय ने कहा कि जितने भी महापुरुष इस धरा पर अवतरित हुए, सभी ने दया के मूल मंत्र को अपने जीवन में अंगीकार कर लोगों को दया की सीख दी ।...