शामली, मार्च 20 -- पक्षी जहां आसमान में उडते हुए भी प्यार का संदेश देते है, वही इस तकनीकी, कम्प्यूटर व फेसबुक तथा व्हाटसेप के युग में पक्षियों की गौर करने वाला कोई नही है। वैसे तो ग्राम सभा से लेकर, नगर, शहर और जिले स्तर पर जीव वित्ता कोष बनाकर केन्द्र से प्रदेश सरकारों द्वारा पक्षियों को बचाने के लिए अनेकों योजनाऐं बनाई गई, लेकिन अधिकारियों की मोर्निटरिंग न होने से इस ओर कोई ध्यान नही है। जिस कारण हजारों की संख्या में आसमान में उडते दिखाई देने वाली पक्षियों की प्रजातियां विलुप्त होती जा रहे है। भारत में हर साल 20 मार्च को विश्व गौरैया दिवस मनाया जाता है। यह एक छोटी, सुंदर और हमारे आंगन में चहचहाने वाली सामान्य पक्षी है। गौरैया एक समय में हमारे आस-पास बहुत आम दिखने वाली चिड़िया थी, लेकिन बीते कुछ वर्षों में गौरैया की संख्या में भारी गिरावट...
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