सीतापुर, अक्टूबर 13 -- पैंतेपुर, संवाददाता। राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ देश को उसका प्राचीन वैभव लौटाने के लिए निरंतर प्रयासरत है। संघ विश्व को समरसता, समानता और एकता के सूत्र में पिरोने का कार्य करता आ रहा है। हमें संगठित होकर कार्य करना होगा, तभी भारत पुनः सोने की चिड़िया और विश्वगुरु बनने के अपने लक्ष्य को प्राप्त कर सकेगा। यह विचार आरएसएस के शताब्दी वर्ष के अवसर पर राम जानकी मंदिर मढ़ी पैंतेपुर में आयोजित बौद्धिक सम्मेलन में संघ के जिला प्रचारक विकल्प जी ने व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ विश्व का सबसे बड़ा स्वयं सेवी संगठन है, जो भारतीय संस्कृति और सर्व धर्म समभाव की परंपरा को आगे बढ़ा रहा है। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए देवेंद्र सिंह ने कहा कि समाज में संघ की सकारात्मक भूमिका की सराहना करते हुए शाखाओं में भागीद...
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