गया, मार्च 2 -- दक्षिण बिहार केंद्रीय विश्वविद्यालय (सीयूएसबी) के समाजशास्त्रीय अध्ययन विभाग ने ट्रांसजेंडर अधिनियम, 2019 और नियम, 2020 पर एक दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला का आयोजन किया। जागरूकता कार्यक्रम को राष्ट्रीय समाज रक्षा संस्थान (एनआईएसडी), सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय, भारत सरकार, नई दिल्ली की ओर से प्रायोजित किया गया। सीयूएसबी के कुलपति प्रो. केएन सिंह ने कहा कि यदि हम ट्रांसजेंडर समुदाय को स्वास्थ्य, शिक्षा, रोजगार आदि जैसे जीवन के विभिन्न क्षेत्रों से अलग-थलग और भेदभाव करते रहेंगे तो विकसित भारत 2047 के लक्ष्य को प्राप्त करने में कठिनाई हो सकती है। उन्होंने विश्वविद्यालय परिसर को अधिक लिंग समावेशी बनाने और इस तरह के जागरूकता और संवेदीकरण कार्यक्रम आयोजित करने का सुझाव दिया। दोस्ताना सफर, पटना की संस्थापक डॉ. रेशमा प्रसाद ...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.