वाराणसी, जनवरी 10 -- वाराणसी, वरिष्ठ संवाददाता। बनारस के दो राज्य विश्वविद्यालयों ने लंबे समय के बाद अपना नैक मूल्यांकन तो करा लिया, मगर इनसे संबद्ध महाविद्यालय अब भी बिना नैक ग्रेड के संचलित हो रहे हैं। जबकि दीक्षांत समारोहों में कुलाधिपति के पद से राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने महाविद्यालयों को भी नैक मूल्यांकन कराने का आदेश दिया था और इसके फायदे गिनाए थे। बनारस में स्वायत्त के रूप में सिर्फ यूपी कॉलेज और कुछ निजी कॉलेजों के पास ही नैक ग्रेड है। यूपी कॉलेज को 2025 में नैक से ए-ग्रेड मिली और इसकी स्वायत्ता बरकरार रही। अग्रसेन पीजी कॉलेज का पिछला नैक मूल्यांकन 2005 में हुआ था। नियमानुसार नैक ग्रेडिंग पांच से सात साल की अवधि के लिए होती है। किसी भी कॉलेज को स्वायत्त बने रहने के लिए नैक से 'ए' ग्रेड मिलना जरूरी है। इसके अलावा जिले के कुछ निजी कॉ...