मैनपुरी, जून 20 -- सुदिती एजूकेशनल एंड रिसर्च फाउंडेशन के तत्वावधान में शुक्रवार को सुदिती ग्लोबल एकेडमी में 21वीं सदी के शिक्षकीय कौशल और आधुनिक शिक्षण पद्धतियां विषय पर प्रशिक्षण सत्र आयोजित हुआ। प्रशिक्षक बिलाल अली ने कहा कि आज के समय में केवल विषयवस्तु का ज्ञान पर्याप्त नहीं है। एक शिक्षक को विद्यार्थियों में विश्लेषणात्मक सोच, रचनात्मकता, सहयोग भावना और प्रभावशाली संवाद कौशल जैसे गुण विकसित करने होंगे। प्रशिक्षक ने कहा कि शिक्षण अब केवल पुस्तकीय जानकारी देने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह एक ऐसी प्रक्रिया बन चुकी है जिसमें शिक्षक विद्यार्थियों के जीवन निर्माण में मार्गदर्शक की भूमिका निभाता है। असफलताएँ ही व्यक्ति को उसके वास्तविक गुणों की पहचान कराती हैं। युवावस्था में उन्होंने कई बार सैन्य सेवा चयन बोर्ड में प्रयास किए परंतु असफलता हाथ...
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