नई दिल्ली, जुलाई 18 -- सुपीम कोर्ट ने शुक्रवार को विशेष अदालतों के लिए नया ढांचा स्थापित नहीं करने पर केंद्र और महाराष्ट्र सरकार की खिंचाई की। अदालत ने कहा कि नया ढांचा न होने पर अदालतें विशेष कानून के तहत आरोपों का सामना कर रहे अभियुक्तों को जमानत देने के लिए मजबूर होंगी। अदालत ने विशेष मामलों के लिए नई अदालतें स्थापित करने को कहा। न्यायमूर्ति सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची की पीठ ने केंद्र और महाराष्ट्र सरकार की ओर से पेश अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल राजकुमार भास्कर ठाकरे से कहा कि यदि मौजूदा अदालतों को विशेष अदालतों के रूप में नामित किया जाता है, तो वर्षों से जेल में बंद विचाराधीन कैदियों, वरिष्ठ नागरिकों, हाशिए पर रह रहे तबके के लोगों और वैवाहिक विवादों के मामलों में देरी होगी। शीर्ष अदालत ने जोर दिया कि यह समय की दरकार है कि अधिक...
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