पूर्णिया, मार्च 25 -- पूर्णिया। अध्यापन के क्षेत्र में विभिन्न परीक्षाएं स्वयं के लक्ष्य की प्रत्येक सीढ़ी होती है। परीक्षा की तैयारी में सर्वप्रथम जिज्ञासु एवं लगनशील होना अत्यावश्यक है। वर्ग में नित्यप्रति उपस्थित होकर शिक्षक से पूरे मनोयोग से पठन- पाठन में समाधान के लिए उत्सुक रहें। स्वाध्याय के साथ-साथ प्रत्येक विषय-वस्तु पर चिन्तन एवं मनन करते हुए उसे आत्मसात करें। इस प्रकार परीक्षा फल में अव्वल तो होंगे ही साथ-साथ प्रतियोगी परीक्षाओं में भी सफलता प्राप्त करने की संभावना बन जाती है। --- -डॉ कुमारी निशा सीमा मिश्रा असिस्टेंट प्रोफेसर संस्कृत विभाग पूर्णिया महिला महाविद्यालय
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