गोरखपुर, सितम्बर 24 -- गोरखपुर। वरिष्ठ संवाददाता पशु तस्करी के खिलाफ चल रही गोपनीय जांच ने पुलिस महकमे के भीतर की मिलीभगत को भी उजागर करना शुरू कर दिया है। जांच की आंच उन दरोगाओं तक भी पहुंच सकती है, जिन पर आरोप है कि उन्होंने केस दर्ज होने के बाद पशु तस्करों के नाम विवेचना से निकालने या कमजोर धाराओं में चालान करने का काम किया। अफसरों ने साफ कर दिया है कि पशु तस्करों को बचाने वाले हो या बार्डर पार कराने वाले सभी पर सख्त कार्रवाई होगी। जोन में दर्ज दस साल पुराने और नए केसों की बारीकी से समीक्षा की जा रही है। हर स्तर पर देखा जा रहा है कि केस की विवेचना में कहीं आरोपितों को बचाने या नाम हटाने का प्रयास तो नहीं किया गया। यहां तक कि जिन मामलों में चार्जशीट दाखिल हो चुकी है, उनमें भी छानबीन चल रही है। आरोपितों का नाम निकालने या संरक्षण देने वाल...
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