दुमका, फरवरी 28 -- जरमुंडी। शिव विवाह संपन्न होने के बाद गुरुवार को बाबा बासुकीनाथ और मैया पार्वती मंदिर प्रांगण में बनाए गए कोहबर कक्ष में गए। यहां वे एक पखवाड़े तक संग संग निवास करेंगे । फाल्गुन पूर्णिमा के मौके पर बाबा बासुकीनाथ और मैया पार्वती के प्रतीकात्मक विग्रह को उनके निज मंदिरों में लाया जाएगा । बासुकीनाथ मंदिर में महाशिवरात्रि के दूसरे दिन गुरुवार को अपराह्न करीब पांच बजे पार्वती मंदिर से पुजारी द्वारा शिव के प्रतीकात्मक त्रिशूल व माता पार्वती को साथ लेकर पालकी पर नगर भ्रमण के लिए निकले। शिव एवं पार्वती के प्रतीकात्मक स्वरूप को पालकी पर सवार पुजारी ने थाम रखा था। नगर परिक्रमा के क्रम में हजारों भक्तों की भीड़ जय घोष करते हुए चढ़ौल के आगे पीछे साथ साथ चल रही थी। बाबा की सवारी नगर परिक्रमा के उपरांत पुनः मंदिर में वापस आए और विधिक...
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