रामपुर, जून 12 -- विलुप्त हो चुकी नदियों को पुनर्जीवित करने का काम प्रशासन बखूबी कर रहा है। इस साल जिले भर में सात प्रमुख नदियों को पुनर्जीवित करने के साथ ही उनके जीर्णोद्धार का काम हो रहा है। इन नदियों में बरसों बाद पानी पहुंचा। यह पानी किसानों के सिंचाई के काम आएगा। भारतीय संस्कृति में नदी को जीवनदायिनी कहा गया है। ऐसा इसीलिए भी है क्योंकि नदियों में बहता जल मानव जीवन के बहुत जरूरी है। जल के बिना हम बेहतर कल की कल्पना भी नहीं कर सकते। हालांकि, बीते कुछ वर्षों में नदियों की हालत काफी खराब हुई। नदियां सूखाग्रस्त हुईं तो इन पर अवैध रूप से कब्जे होने लगे। जिस वजह से धीरे-धीरे इन नदियों का अस्तित्व खतरे में पड़ गया। नदियां विलुप्त होने की कगार पर पहुंच गईं। अब सरकार ने प्रदेश भर में विलुप्त हो चुकी नदियों को पुनर्जीवित कर उनके संरक्षण का बीड...
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