बदायूं, दिसम्बर 11 -- बदायूं। बदायूं से बहने वाली और गंगा की 230 किलोमीटर लंबी सहायक नदी सोत नदी के अस्तित्व पर गंभीर खतरा मंडरा रहा है। इस नदी को पुनर्जीवित करने के लिए प्रयासरत सोंत नदी पर्यावरण पुनर्जीवन ट्रस्ट ने डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य से गुहार लगाई है। सोत नदी पर्यावरण पुनर्जीवन ट्रस्ट के अध्यक्ष सुमित अग्रवाल ने बताया की कि अतिक्रमणकारियों ने नदी के बहाव क्षेत्र पर कब्जा कर लिया है। और शहरों का कूड़ा-करकट भी इसी में डाला जा रहा है। नदी की उपेक्षा के कारण यह अपने अस्तित्व को खोती जा रही है। ट्रस्ट ने उपमुख्यमंत्री से निवेदन किया है कि सोत नदी को गंगा से जोड़कर इसको नहर के रूप में विकसित किया जाए।

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