हापुड़, फरवरी 9 -- सकल हिन्दू समाज के तत्वावधान में आयोजित विराट कवि सम्मेलन राष्ट्रप्रेम, चेतना और संस्कारों का अनुपम संगम बन गया। मंच से प्रवाहित काव्य-पंक्तियां केवल शब्द नहीं रहीं, बल्कि वे सरहद पर तैनात जवानों की सांसों, शहीदों के सपनों और मां भारती की धड़कन बनकर श्रोताओं के हृदय में उतरती चली गईं। काव्य, गीत और ग़ज़लों ने ऐसा समां बांधा कि सभागार तालियों और भावनाओं की गूंज से भर उठा। कवि सम्मेलन की अध्यक्षता करते हुए प्रख्यात कवि, गीत एवं ग़ज़लकार डॉ. अनिल वाजपेयी ने राष्ट्रभाव से ओतप्रोत रचनाओं का पाठ किया। उनकी पंक्तियों ने देशभक्ति की भावना को और अधिक प्रखर कर दिया। वहीं मंच संचालन कर रहे डॉ. सतीश वर्धन ने अपनी तीखी और यथार्थपरक पंक्तियों से श्रोताओं को सोचने पर मजबूर कर दिया। कवियों की रचनाओं ने दिया चेतना और संस्कार का संदेश यु...
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