लातेहार, जनवरी 6 -- मनीष उपाध्याय लातेहार। आदिम जनजाति समुदाय के सुनील बृजिया को योगदान दिए एक साल 23 दिन बीत जाने के बावजूद अब तक वेतन का एक रूपये भी नहीं मिल सका है। विभागीय उदासीनता और दावपेंच के कारण नौ बच्चों का भरण-पोषण करने वाले सुनील बृजिया भुखमरी की कगार पर पहुंच गए हैं। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की पहल पर 17 साल बाद मिली नौकरी के बाद भी वेतन न मिलना शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करता है। सुनील बृजिया की नियुक्ति 14 दिसंबर 2024 को गारू प्रखंड संसाधन केंद्र में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी के पद पर हुई थी। इसके बावजूद एक वर्ष से अधिक समय तक सेवा देने के बाद भी उसे एक रुपये का भुगतान नहीं किया गया। सुनील का कहना है कि विभाग द्वारा मांगे गए सभी कागजात समय पर जमा कर दिए गए, लेकिन अब आवंटन का हवाला देकर वेतन भुगतान से बचा जा रहा ह...