गोंडा, अप्रैल 13 -- वजीरगंज। मित्रता आत्मीय सम्बन्धों का अंतिम छोर है जहां भय-पक्षपात अथवा लोभ से परे एक दूसरे के प्रति समर्पण ही इसकी सार्थकता सिद्ध करता रहा है। यह उद्गार क्षेत्र के अशोकपुर स्थित अशोकनाथ महादेव मंदिर पर आयोजित भागवत कथा में पंडित हरिविजय तिवारी ने कही। उन्होंने कहा कि विपत्ति में सहयोग करना मित्रता का सबसे बड़ा धर्म व कर्तव्य है। इस मौके पर जिपं सदस्य अमरीश दत्त सिंह, जटाशंकर सिंह, राजेश दूबे, विनय सिंह, भोला सिंह, अरुण शुक्ल, तरुण सिंह, पंकज दूबे आदि मौजूद रहे।
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