मुजफ्फर नगर, जून 5 -- स्थानीय बचन सिंह कालोनी में चल रही श्रीमद्भागवत कथा के अंतिम दिन कथा व्यास गंगोत्री तिवारी मृदुल महाराज ने सुदामा प्रसंग का वर्णन किया। उन्होंने कहा कि सुदामा कृष्ण की मित्रता हम सभी के लिए स्मरणीय है। मित्रता विपत्ति बांटने के लिए होती है। दुर्भाग्य है कि आज के अधिकतर लोग स्वार्थ को सिद्ध करने के लिए मित्रता करते हैं। कथा व्यास ने कहा कि सुदामा भले ही गरीब थे पर मानसिक रूप से सन्तुष्ट रहते हैं। पत्नी के बार- बार कहने पर द्वारिकाधीश के यहां जाने पर भी कुछ मांगते हैं मेरे भगवान अंतर्यामी हैं हृदय की सब बात जान जाते हैं और बिन मांगें विश्वकर्मा जी से सुदामा पुरी का निर्माण करा देते हैं। कथा के समापन पर होली उत्सव मनाया गया। एक दूसरे के मंगल कामना के लिए एक दूसरे को गुलाल लगाकर व पुष्प डालकर उत्सव को आनंदित बना दिया। इस...
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