मैनपुरी, फरवरी 6 -- बरनाहल। फूलापुर में हुए दोहरे हत्याकांड की खबर पाकर परिजनों से मिलने पहुंची सांसद डिंपल यादव ने कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा पर किसी को भी बोलने का हक संसद में मिलना चाहिए, लेकिन संसद में नेताओं को बोलने नहीं दिया जा रहा। सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव का भी संसद में माइक बंद कर दिया गया। पुलवामा और पहलगाम में जो घटनाएं हुईं उन पर क्या कार्रवाई हुई, सरकार ने आज तक नहीं बताया है। संसद विभिन्न मुद्दों पर बात रखने का माध्यम है। लेकिन सरकार इस माध्यम और विपक्ष के नेताओं का हक छीनना चाहती है। सांसद डिंपल यादव ने कहा कि माइक बंद कर देने की घटना नई नहीं है। भाजपा ने विपक्ष के नेताओं की आवाज लोगों तक न पहुंचे इसके लिए भाजपा ने ऐसा पहले भी किया है। विपक्ष के लोग नाराज हैं और उनकी नाराजगी जायज है। बात उठाने का संसद उचित माध्यम...