रांची, फरवरी 13 -- रांची, हिन्दुस्तान ब्यूरो। शराब घोटाले व उसके बाद कई केस में आईएसएस विनय चौबे के खास सहयोगी के तौर पर आरोपी बनाए गए विनय सिंह के मामले में गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट की जमानत संबंधी टिप्पणी से एसीबी व झारखंड पुलिस की कार्यशैली पर गंभीर सवाला उठे हैं। कोर्ट ने इस बात पर जोर दिया कि राज्य एजेंसियों द्वारा दायर दो अगली एफआईआर सिर्फ यह पक्का करने के लिए थी कि सुप्रीम कोर्ट द्वारा दी गई अंतरिम जमानत के आदेश के बावजूद उन्हें लगातार हिरासत में रखा जाए और उस आदेश को आगे बढ़ाया जाए। नेक्सजेन संचालक विनय सिंह और उनकी पत्नी स्निग्धा सिंह, शराब घोटाले के मामले में सह-आरोपी हैं। राज्य एजेंसियों द्वारा हजारीबाग में वन भूमि और रांची के जगन्नाथपुर पुलिस स्टेशन में धोखाधड़ी के एक मामले से जुड़े दो और केस में भी उन्हें आरोपी बनाया गया है। ...
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