रांची, फरवरी 3 -- रांची, हिन्दुस्तान ब्यूरो। हजारीबाग में सेवायत ट्रस्ट भूमि घोटाले में एसीबी ने अपने दस्तावेज में बताया है कि हजारीबाग के तत्कालीन डीसी विनय कुमार चौबे के कार्यकाल में देवता की जमीन की भी अवैध तरीके से खरीद-बिक्री कर दी गई। घोटाले में आरोपी जमीन माफिया सुधीर कुमार सिंह व विजय प्रताप सिंह से जुड़े मामले में दायर हलफनामे में एसीबी ने कोर्ट को बताया है कि कैसे रसूखदारों और अफसरों की मिलीभगत से देवता की जमीन की हेराफेरी की गई। देवता की थी जमीन, हस्तांतरण पर थी पूर्ण रोक एसीबी ने कोर्ट को बताया कि वर्ष 1941 में गणपत राय सरोजी ने 2.75 एकड़ जमीन श्री श्री महावीर जी (देवता) को समर्पित की थी। डीड की शर्तों के अनुसार, इस जमीन को कभी भी बेचा, हस्तांतरित या गिरवी नहीं रखा जा सकता था। हालांकि, बाद में सेवायतों ने इसे निजी संपत्ति बताक...