प्रयागराज, फरवरी 21 -- इलाहाबाद डिग्री कॉलेज के कीडगंज परिसर में शनिवार को न्यायमूर्ति राजनारायण अग्रवाल की स्मृति में 'एथिक्स एंड वैल्यूज इन लीगल प्रोफेशन' विषय पर गोष्ठी का आयोजन किया गया। मुख्य अतिथि सुप्रीम कोर्ट के न्यायमूर्ति पंकज मित्थल ने कहा कि भारतीय परंपरा और वैदिक साहित्य में प्राचीन एवं मध्यकाल से ही जीवन मूल्यों और नैतिक आचरण पर बल दिया गया है। आज के समय में भी इन मूल्यों की उतनी ही आवश्यकता है। उन्होंने फिल्म पुकार का उदाहरण देते हुए बताया कि आदर्श, सच्चाई और ईमानदारी के उच्च मापदंड हमारे समाज में पूर्व से स्थापित हैं और उनका अनुपालन निरंतर होना चाहिए। न्यायमूर्ति ने कहा कि विधि पेशे में न्यायालय एक मंदिर के समान है और अधिवक्ता उसके पुजारी के समान होते हैं, इसलिए उनके जीवन में शुचिता, न्यायप्रियता और उच्च नैतिक मूल्यों का ह...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.